Total Pageviews

Saturday, 17 March 2012

script

husband-चलो जल्दी करो गुडिया और सब याद रखना और इस बार कोई गलती नही होनी चाहिए.
गुडिया- जी पापा
पापा/मम्मी - all the best  बेटा
[sfx -door  open ]
प्रिंसिपल - आईये आईये! बेठिये
{pause }
 प्रिंसिपल-what is your name?
gudiya- my name is ritika.
pricipal-how old you are?
gudiya-i am.. six year old.
principal-what is your mother"s name?
gudiya- my mother name is shuruti.
principal- and your father's name?
gudiya- my father name is avinaash.
principal-which cartoon do you like?
gudiya-i lilke chota bheem, tom & jerry.
principal-gud. tell me 5  fruits name?
gudiya-apple,grapes,banana,mango,orange.
principal- ok gud thank you.. next
{sfx- door close, footstep}
शुरुती- अब क्या लगता है आपको.
husband -लग्न क्या है interview तो अच्छा  ही हुआ है, बाकि lottery  सिस्टम  के भरोसे है सब!
शुरुती- वाह! क्या बात है intelligence की तो कोई कद्र नहीं है. अब तो admision भी लक पर depend  होने लगे है, वाह! रे RIGHT TO EDUCATION..
  

Saturday, 3 March 2012

क्या लिखुँ


      

में कुछ भी लिखने बेठती हूँ तो बस यही सोचती हूँ की शुरू केसे करू कहाँ से करू और बस फिर वही सोचते सोचते समय बीत जाता है और जो कुछ भी लिखाना चाह रही होती हूँ वो वहीँ  के वहीँ  रह जाता है और हमेशा की तरह में कुछ नही लिख पाती और फिर बस बेठ के अफ़सोस मानती रहती हूँ आखिर यह आदत में केसे सुधारू यह भी समझ नही आता मुझे..  तो मैंने आज आखिर फ़ेसला ले ही लिया क्यों न में अपने मन की यहीं बात सब को बता दूँ.. पर शायद फिर में कुछ लिखने लगु तो न लिख पाऊ.. पर चाहे आगे जो कुछ  भी वो कम से कम में आज तो अपने दिल की बात लिख ही लूँ.. कभी कभी तो लगता है कितने सारे विषय है लिखने को पर बस फिर वही होता है सोचती हूँ  कि किस पे लिखू और फिर वही होता है जो हमेशा होता है.. काश कोई हो जो बता दे की आखिर में करू क्या.. कहाँ से लिखना शुरू करू और कहाँ पे अंत करू..फिहाल में अपने हाल ऐ दिल सुनना यहीं ख़तम करती हूँ और सोचती हूँ कि आखिर में क्या लिखू और कहाँ से शुरू करू.. और हाँ मेरा हाल ऐ दिल पढ़ कर आप मत हँसना वरना में यह भी नही लिख पाउगी आगे से..
धन्यवाद