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Wednesday, 23 November 2011

yaad

आज फिर यादो ने रुला दिया 
याद आ गया वो जिसे मेने भुला दिया..
उसकी यादो से केसे निकलु
न जाने उसे केसे भूलू.. 

हर पल जाती हूँ उसकी यादो से दूर
पर यादो से हो जाती हूँ मजबूर..
केसे भूलू उन सबको 
केसे रोकू अपने आसुयों को ..


Tuesday, 22 November 2011

प्यार अभी बाकि है


जेसा की मेरा विषय पढ़ के आप लोग जान गये होगे की में किस बारे में आपसे बात करने जा  रही हूँ पर शायद यह एकदम अनोखा प्यार है जो की मेने कल देखा.. एक अदभुत प्यार था.. हम सब जानते है कुछ चीज़े सुनने में बहुत अजीब लगती  और शायद अब जो में आपको बताऊ वो भी आपको कुछ ऐसा ही लगे पर यह एक दम सच बात है  पता है कल में अपने घर से कुछ दूर किसी काम से जा रही थी तभी मेरी नजर एक कुतिया पर पढ़ी जो अपने बच्चे को दूध पिला रही थी पर मुझे  उसका बच्चा देख कर कुछ अजीब लगा जब मेने कुछ नजदीक जा कर देखा तब पता चला वो उसका नहीं बल्कि एक बिल्ली का बचा था.. कितना अजीब लगा मुझे यह देख कर की एक कुतिया बिली के बच्चे को अपना दूध पिला रही है.. यह देखना भी मेरे लिए एक आश्चर्य से कम नही था.. पर उन्हें इसे देख एक बात जरुर समझ आ गयी की माँ किसी को भी प्यार व स्नेह दिखा सकती है ..इससे साबित होता है की जानवरों में भी कितना प्यार व अपनापन होता है..तथा  प्यार की कोई परिभाषा व सिमित रूप आकर नहीं  होता..

Thursday, 17 November 2011

नई पहचान

यह शब्द कहने को तो बहुत आसान है परन्तु इस शब्द को असल ज़िन्दगी में सार्थक करने में सदिया बीत जाती है पर तब भी पहचान धुंधली सी नजर आती है...नई पहचान बनाने के लिए बहुत मेहनत और सामर्थ की जरुरत पढ़ती है.हर कोई चाहता है उसकी इस दुनिया में कोई न कोई पहचान तो जरुर हो..पर हर कोई वह मुकाम हासिल  कर पाए       यह जरुरी तो नहीं है .. पर पूरी ज़िन्दगी इसे पाने की चाह जरुर करता है.. और इसी बात को सोच कर मैने भी अपने ब्लॉग को यह नाम दिया है शायद मुझे और मेरे इस ब्लॉग को नई पहचान मिल सके...हलाकि यह काफी मुश्किल है पर नामुमकिन नही है..वेसे ण तो  कोई एक अच्छी  लेखक हूँ और न ही कोई पत्रकार .. परन्तु लिखने की कोशिश जरुर करुँगी .. क्या पता किसी को पसंद आ जाये..... और यहीं से मुझे भी  नई पहचान मिल जाये ...........